‎Dwarkadhis Mandir Gujrat | द्वारकाधीस मंदिर गुजरात

‎Dwarkadhis Mandir Gujrat | द्वारकाधीस मंदिर गुजरात


‎Dwarkadhis Mandir Gujrat – हजारों साल पहले मथुरा  में कंस का राज चल रहा था । कंस के राज  से मथुरा की प्रजा बोहोत  परेशान थी ।प्रजा को बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने धरती पर अवतार लिया । अवतार लेने के बाद उन्होंने कई रासलीला की । सही समय देखकर भगवान श्री कृष्ण ने कंस का वध किया । भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा वासी को कंस के त्रास   से मुक्त किया ।

krishna bhagvan kill the raja kans

  कंस का वध होने के बाद पूरे मथुरा में शांति हो गई । कंस का वध होने के बाद कंस के ससुर जी जरासंघ  रह नहीं पाए और उन्होंने शपथ ली कि मैं श्री कृष्णा को और यादव परिवार का कुल मिटा दूंगा । फिर जरासंध  ने  मथुरा पर चढ़ाई की और मथुरा नगरी को नुकसान पहुंचाया। मथुरा के लोगों को भी बहुत परेशान किया। ऐसे करते-करते जरासंघ  ने  17 बार मथुरा पर चढ़ाई की ।

Lord Krishna MATHURA SE DWARKA? मथुरा से द्वारका क्यों चले ?

यह सब देखकर कृष्ण भगवान घबरा गए । और अपने कुल और अपने वंश को बचाने के लिए  मथुरा छोड़कर वह भारत के पश्चिमी तट पर चले गए । firstly पश्चिम तट  जाकर श्री कृष्ण भगवान ने ब्रह्मा जी को  द्वारिका नगरी बनाने के लिए आदेश  दिया| वह जी सभी भूगोल  नक्शे के बारे में जानकारी रखते थे । हमारे पृथ्वी के रचयिता ब्रह्मा जी है । secondly ब्रह्मः ने रातों-रात सोने की द्वारिका नगरी बना दी । और वहां पर भगवान कृष्ण रहने लगे ।

dwarkadhsi mandir image photo
DWARKADHIS MANDIR DARSHAN

भगवान श्री कृष्ण के पोते  व्रजभ  ने अपने दादा श्री कृष्णा के बारे में बहुत सुना था । और द्वारिका नगरी के बारे में भी बहुत सुना था। यह सुनकर व्रजभ ने भगवान ब्रह्मा जी से विनती की हमें अपने दादा श्री कृष्ण भगवान की Dwarkadhis Mandir और द्वारका नगरी देखनी है ।

जब श्री कृष्ण भगवान में वैकुंठ धाम चले थे तब ये सोने की द्वारका भी समुंदर के अंदर समा गई थी । ब्रह्मा देव ने समुद्र देवता से प्रार्थना की और प्रार्थना करके बताया कि मुझे आपके अंदर समय हुई सोने की द्वारका में भगवान श्री कृष्ण का निज  मंदिर दिखाइए । या मंदिर कृष्ण भगवान के पोते व्रजभ को  देखना है ।

  फिर समुद्र देवता ने समुद्र में छुपी हुई द्वारका नगरी में से भगवान श्री कृष्ण का मंदिर दिखाया। ब्रह्मा जी ने उस मंदिर को देखकर रातो रात वैसा मंदिर बना दिया | ऐसे करके द्वारकाधीस मंदिर द्वारका नगरी में स्थापित हुआ ।

DWARKA MANDIR GUJRAT | द्वारकाधीश मंदिर

अभी के समय में द्वारका नगरी भारत के गुजरात राज्य में सौराष्ट्र में है । द्वारकाधीश मंदिर ऊंचाई में 78 मीटर ऊंचा है| दूर से आपको द्वारकाधीश के मंदिर कै  शिखर  के दर्शन हो जाते हैं| द्वारकाधीश मंदिर 72  स्तंभ पर खड़ा हुआ है । और वह 5 माले का मंदिर है|

मंदिर में प्रवेश करने के लिए दो द्वारा बनाए गए हैं । पहले मुख्य द्वार का नाम मोक्ष द्वार है । और दूसरे द्वार  का नाम   स्वर्ग द्वार है । स्वर्गद्वार से 50 सीढ़ियां उतरकर सिद्धा गोमती घाट जा सकते हैं ।   

Dwarkadhis mandir at night lighting
‎Dwarkadhis Mandir : World Heritage places | द्वारकाधीस मंदिर हिंदी

और वह 5 माले का मंदिर है| DWARKA MANDIR मंदिर में प्रवेश करने के लिए दो द्वारा बनाए गए हैं । पहले मुख्य द्वार का नाम मोक्ष द्वार है । और दूसरे द्वार  का नाम   स्वर्ग द्वार है । स्वर्गद्वार से 50 सीढ़ियां उतरकर सिद्धा गोमती घाट जा सकते हैं । 

DWARKADHIS DASHANS TIMINGS

MORNINIG DARSHAN 6 :00 TO 1:00 PM

EVENIG DARSHAN 5:00 PM TO 9:30 PM

MORNINIG DARSHAN 6 :00 TO 1:00 PM

मंगला दर्शन

DWARKADHIS RAJBHOG DARSHAN
RAJBHOG DARSHAN OF DWARKADHIS MANDIR

अभिषेक दर्शन

श्रृंगार दर्शन

संनभोग दर्शनश्रृंगार

आरती

श्रृंगार भोग दर्शन

ग्वाला दर्शन

ग्वाला भोग दर्शन

राजभोग दर्शन

दर्शन बंद

EVENING DARSHAN 5:00 PM TO 9:30 PM

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DWARKADHIS GWALA DARSHAN


उठापन दर्शन 

उठापन  भोग दर्शन

संध्या भोग दर्शन

संध्या आरती

शयन  आरती

बनता भोग और शयन  

दर्शन बंध 

corona virus की वहज़से सारे दर्शन नहीं होते हे

Dwarkadhis Mandir Bhojnalay | द्वारकाधीश मंदिर भोजनालय |

dwarkadhis mandir  bhojnalaya

द्वारकाधीश मंदिर तरफ से भोजनालय चल रहा हे वहा पे भगवान् की प्रसादी मिलती हे|

Gomti Ghat Dwarka ? गोमती घाट द्वारका |

gomti ghat evening view

गोमती घाट मंदिर के मोक्ष द्वार से 50 सीढिया उतारकर पोहंचा जासकता हे | लोगो कि मान्यता हे की गोमती नदी में स्नान कर ने से मोक्ष की प्राप्ति होती हे | और सभी पाप धुलजाते हे |

How to reach Dwarka ? | द्वारक कैसे पोहंचे ? |

by AIR -> नजदीक का airport जामनगर में हे | जो द्वारका से 135 km दुरी पर हे |

via TRAIN – > द्वारकाधीश मंदिर से रेलवे स्टेशन 3 km की दुरी पर हे | वह से मंदिर तक जाने के लिए रिक्शा मिलजाती हे | 20 /- रुपए भाड़ा लेते हे |

BY ROAD -> by रोड भी आसानीसे पोहंच सकते हे | द्वारका तक highway रोडे हे | जामनगर से द्वारका 150 km हे |

World Heritage places द्वारका awarded

अभी के समय में द्वारका को World Heritage places का अवार्ड मिला हे जो। भारत और दुनिया में सबसे प्राचीन मंदिर हे |

द्वारकाधीस मंदिर अवार्ड

Awarde cirtification dwarkadhis mandir
Dwarkadhis darshan video

 


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